मांगत हों मेरे दुलहा, मन कर करम वचन |
ए जिन तुम खाली करो, मैंअर्ज करू दुलहिन॥
किरंतन प्र 62
अथ तीन सरूपों की बीतक लिखते श्री बीतक सा...

Question: अथ तीन सरूपों की बीतक लिखते श्री बीतक साहिब की शुरुआत में ही यह आता है इसका क्या मतलब है बताईए सुन्दरसाथ जी
Answer: तीन सरूप बसरी मलकी और हकी ही हैं जिन्हें सत् चिद और आनंद कहा है तीनों को मिला दें तो सचिदानंद पूर्ण सरूप होता है