श्री धनीजी के लागूँ पाए,मेरे पिउजी फेरा सुफल हो जाए।
ज्यों पिउ ओलखाए मेरे पिउजी ,सुनियो हो प्यारे मेरी विनती।।
ते माटे हूं कहयूं एम, नहीं तो रामत जे की...

Question: ते माटे हूं कहयूं एम, नहीं तो रामत जे कीधी श्री कृष्ण। ए नामनुं तारतम में केम केहेवाय, साथ संभारी जुओ जीव मांहें।। कृप्या इस चौपाई का बेवरा करते हुए बतायें कि कौन सा नाम तारतम में क्यूं है ऐसा श्री इन्द्रावती जी श्री राज जी से पूछ रही हैं ?
Answer: हे सुन्दरसाथ जी! यदि आप अपने जीव के हृदय में विचार करके देखें, तो इस श्री कृष्ण नाम को तारतम में कैसे कहा जा सकता है?। उपरोक्त चौपाई में इसी सत्य को उद्घाटित किया जा रहा है कि शरीर के नाम श्री कृष्ण को तारतम में कैसे कहा जा सकता है?