श्री धनीजी के लागूँ पाए,मेरे पिउजी फेरा सुफल हो जाए।
ज्यों पिउ ओलखाए मेरे पिउजी ,सुनियो हो प्यारे मेरी विनती।।
बानी मीठी नरमाई जोत धरे, मेरे जीव के एही...

Question: बानी मीठी नरमाई जोत धरे, मेरे जीव के एही जीवन ।। चौपाई के इन चरनों में किसकी वाणी की मिठास की बात कही गई है बताईए सुन्दरसाथ जी
Answer: श्री श्यामा महारानी के चरणों के चारों आभूषण झांझरी, घूंघरी, कांबी और कड़ला तथा चरणों के पंजे में अनवट और बिछुआ का तेज और सुन्दर सुरीली आवाज यह ही मेरे जीव के जीवन हैं।