रूहअल्ला एता कहियो, तुम मांग्या सो फरामोस ।
जब इस्क ज्यादा आवसी, तब आवसी माहें होस ।।
ईमान इश्क आत्म के दो पर हैं वोह उसे वाणी...

Question: ईमान इश्क आत्म के दो पर हैं वोह उसे वाणी की कौन सी न्यामत मिलने पर मिलते हैं बताईए सुन्दरसाथ जी
Answer: जाग्रत बुद्धि की न्यामत से आत्म को ईमान मिलता है और निज बुद्ध की न्यामत से इश्क मिलता है