इनों रब्द किया इस्क का, हम जैसा हक का नाहें ।
दई फरामोसी इन वास्ते, देखों कैसा इस्क इनों माहें ।।
कहे इंद्रावती अति उछरंगे, हमको लाड़ लड़ा...

Question: कहे इंद्रावती अति उछरंगे, हमको लाड़ लड़ाए जी। निरमल नेत्र किए जो आतम के, परदे दिए उड़ाए जी।। आत्म के नेत्र किसको कहा है बताईए सुन्दरसाथ जी
Answer: जीव को ही आत्म के नेत्र कहा है जो यहाँ बेशक ईलम की वाणी से अपने को निर्मल करता है जिससे आत्म बल पकड़ कर अपने निजघर को देखती है