आज की चौपाई

इनों रब्द किया इस्क का, हम जैसा हक का नाहें ।
दई फरामोसी इन वास्ते, देखों कैसा इस्क इनों माहें ।।

Quiz

नार तूं कौन खसम की, दृढ़ कर कहो वचन । यह...

Shri Nijanand Samparday
Question: नार तूं कौन खसम की, दृढ़ कर कहो वचन । यह बात श्री राजजी महाराज ने श्याम जी के मन्दिर में श्री स्यामा महारानी जी से क्यूं पूछी कि तुम निश्चय करके बताओ कि तुम कौन से खसम की अंगना हो । क्या दो में से चुन कर बताना था या श्री स्यामा महारानी जी जो उनको समझ रही थी वोह गल्त समझ रही थीं । इसलिए श्री राज जी को यह पूछना पड़ा । कौन खसम का भेद आप ही बताईए सुन्दरसाथ जी

Answer: क्योंकि श्री देवचन्द्र जी श्री कृष्ण बांके बिहारी का ही चितवन करते रहे पर जब दर्शन हुए तो वोह असमंजस में पड़ गए कि जिसको मैं चितवन में देखता रहा यह वोह सरूप तो नहीं है न ही उस सरूप का यह सिनगार है । यह श्री बांके बिहारी तो लग नहीं रहे पर दिल यहीं गवाही दे रहा है कि यह मेरे खाविंद हैं इसलिए श्री राज जी ने उनसे कहा कि तुम किसकी अर्धांगनी हो यह दृढ करके मुझे कहो । जो तुम मुझे समझ रही हो मैं वोह बांके बिहारी कृष्न कृष्ण नहीं हूँ । मैं वोह हूँ जिसने कृष्ण का रूप धारण करके यह लीला की थी । मेरा तुम्हारा घर बृज रास में नहीं है इससे परे हम दोनों परमधाम से आए है जो योगमाया से भी आगे है । जहाँ हम तुम जुदा नहीं हो सकते