जब याद तुमें मैं आंऊगा, तबहीं बैठोगे जाग ।
गए आए कहूं नहीं, सब रूहें बैठीं अंग लाग ।।
दिल्ली में कौन सा सुन्दरसाथ श्री जी के ल...

Question: दिल्ली में कौन सा सुन्दरसाथ श्री जी के लिए अपनी ही दुकान से चोरी चोरी भोग लेकर आता था
Answer: सुन्दरसाथ चंचल दास जी