रूहअल्ला एता कहियो, तुम मांग्या सो फरामोस ।
जब इस्क ज्यादा आवसी, तब आवसी माहें होस ।।
सिनगार 13/27 की इस चौपाई में कानों के आध...

Question: सिनगार 13/27 की इस चौपाई में कानों के आधीन किन सागरों को बताया गया है भेद बताईए सुन्दरसाथ जी
Answer: कानों के आधीन श्री राज जी महाराज का दिल है जिसमें उनके दिल के चार सागर हुकम , ईलम , मेहर और इस्क के सागर आते हैं