जब याद तुमें मैं आंऊगा, तबहीं बैठोगे जाग ।
गए आए कहूं नहीं, सब रूहें बैठीं अंग लाग ।।
View All Quiz Answer.
वैष्णव कहिर वाको . निर्मल जाकी आत्म । नीच कर्म के निकट न जाए , जाए पहचान करी पारब्रहम॥
Read Quiz →
मोह तत्व से पांच तत्वों की उत्पत्ति होती है
Read Quiz →
हे मेरे प्राणों से भी प्यारे श्यामा महारानी ! अब मुझे एक पल के लिए भी छोड़ना नहीं। अब मुझे प्यारे मेहबूब श्री राजजी महाराज की मेहर से आपके चरण कमल की पहचान हो गई है। यही मेरे जीव के जीवन हैं।
Read Quiz →
श्री महामतिजी कहते हैं कि हे साथजी! तुम माया में सावधान हो जाओ। तुम्हारी निसबत होने के कारण ही धनी माया में आकर मिले हैं, अतः यदि इस झूठी दुनियां को छोड़कर रूह दुनी को पीठ देकर अखण्ड परमधाम के अखंड सुख याद करके अपने पिया को याद करती है तो वोह ऐसे सतगुरु को इस खेल में रिझा लेगी।
Read Quiz →
श्री राजजी महाराज ने अपने आप को सच्चा साबित करने के लिए सब कुछ पहले से ही बता दिया था कि माया में जाकर तुम सब मुझे भूल जाओगी , यह वियोग का खेल बड़ा दुखदायी है। तुम इसे कैसे सहन कर पाओगी । इससे मोमिनों के दिल में चाहना और बढ़ गई और कहा कि हमारे ऊपर एहसान क्यों कर रहे हो
Read Quiz →