आज की चौपाई

मैं फुरमान भेज्या है अव्वल, हाथ अमीन रसूल ।
इमाम भेज्या रूहों वास्ते, जिन जावें ए भूल ।।

Quiz

View All Quiz Answer.

Shri Nijanand Samparday

ज्यों मेहर त्यों जोस है, ज्यों जोस त्यों हुकम । मेहर रहत नूर बल लिए, तहां हक इस्क इलम॥ मेहर में नूर बल क्या है बताईए सुन्दरसाथ जी

by Shri Nijanand Samparday

जाग्रत बुद्ध और निज बुद्ध का पूरा ज्ञान धनी की पूर्ण पहचान ही नूर बल है

Read Quiz →

Shri Nijanand Samparday

कहे इंद्रावती अति उछरंगे, हमको लाड़ लड़ाए जी। निरमल नेत्र किए जो आतम के, परदे दिए उड़ाए जी।। आत्म के नेत्र किसको कहा है बताईए सुन्दरसाथ जी

by Shri Nijanand Samparday

जीव को ही आत्म के नेत्र कहा है जो यहाँ बेशक ईलम की वाणी से अपने को निर्मल करता है जिससे आत्म बल पकड़ कर अपने निजघर को देखती है

Read Quiz →

Shri Nijanand Samparday

श्री कुलजम वाणी के अनुसार कुरान में कितने प्रकार के इश्क का वर्णन आया है उदाहरण देकर बताईए

by Shri Nijanand Samparday

इश्के हिरसी जो आजकल के नौजवान गलियों में करते फिरते है । इश्के नफसी जो लैला मजनूं जैसे जोड़ों ने किया इश्के हकीकी जो मीरा और सूरदास ने कृष्ण से किया इश्के मारफत जो अखण्ड पारब्रह्म के साथ एक आत्म ही कर सकती है

Read Quiz →

Shri Nijanand Samparday

श्री राज जी की पूरी मेहर किस पर होती है जीव, ईश्वरी या ब्रह्म सृष्टि पर या फिर तीनों पर बताईए सुन्दरसाथ जी

by Shri Nijanand Samparday

पूरी मेहर जित हक की, तित और कहा चाहियत । हक मेहर तित होत है, जित असल है निसवत ।। पूरी मेहर ब्रह्मसृष्टि के लिए आई है श्री राजी की मेहर ब्रह्मसृष्टि पर होती है कृपा ईश्वरी सृष्टि पर और दया जीव सृष्टि पर होती है

Read Quiz →